जब से मौसम के आंकड़ों का रिकॉर्ड रखे जाने का सिलसिला शुरू हुआ है, यह वर्ष (2024) इतिहास का सबसे गर्म साल बनने जा रहा है। तापमान में बढ़ोतरी का यह असर 2025 के शुरुआती महीनों में भी नजर आने की संभावना है। यह जानकारी यूरोपीय संघ के विज्ञानियों द्वारा जारी कापरनिकस क्लाइमेट चेंज सर्विस (सी3एस) के आंकड़ों से सामने आई।
रिपोर्ट में बताया गया है कि जनवरी से नवंबर तक जुटाए गए आंकड़ों ने यह सुनिश्चित किया है कि 2024 अब रिकार्ड में दर्ज सबसे ज्यादा गर्म वर्ष है। यह वर्ष 1850 से 1900 के पूर्व-औद्योगिक काल की तुलना में 1.5 डिग्री सेल्सियस अधिक औसत वैश्विक तापमान वाला पहला वर्ष भी बन गया है।
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